रेवतपुर पीएचसी में प्रसव के दौरान लापरवाही पर स्टाफ नर्स निलंबित, कलेक्टर ने दिए निगरानी के निर्देश

 


बलरामपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में गुरुवार काे पीएचसी की स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

मामला 20 अक्टूबर का है। ग्राम कुंदीकला की प्रसूता अनिता सिंह प्रसव के लिए रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं, लेकिन उस समय अस्पताल में स्टाफ मौजूद नहीं था। इस कारण महिला को महतारी एक्सप्रेस में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 21 अक्टूबर को राजपुर के खंड चिकित्सा अधिकारी से जांच प्रतिवेदन मांगा था। उसी दिन किए गए निरीक्षण में पाया गया कि सुबह की ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स समय पर अस्पताल नहीं पहुंची थीं। प्रभारी की ओर से फोन किए जाने के बाद वह अस्पताल पहुंचीं, जहां प्रसूता को भर्ती कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। जांच के दौरान बीएमओ ने प्रसूता अनिता सिंह से भी संपर्क किया। विभाग के अनुसार, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

जांच में स्टाफ नर्स प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता की दोषी पाई गईं। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए सरगुजा संभाग के स्वास्थ्य सेवा संयुक्त संचालक ने निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही, विभागीय जांच के लिए 10 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इस निगरानी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों के साथ एसडीएम तथा राजस्व अमले को भी शामिल किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। विशेष रूप से आपातकालीन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय