बलरामपुर : सड़क किनारे बिखरा मिला सड़ा हुआ चना, जांच की मांग तेज
बलरामपुर, 29 मई (हि.स.)। बलरामपुर जिले में गरीबों के हक से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामचंद्रपुर–रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर सनावल के समीप सड़क किनारे भारी मात्रा में सड़ा हुआ चना मिलने से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। यह वही चना बताया जा रहा है, जिसे शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब परिवारों में बांटा जाना था।
नीलकंठपुर मोड़ से दक्षिण दिशा में लगभग 300 मीटर दूर बिखरे पड़े चने ने सरकारी व्यवस्थाओं और जिम्मेदार तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर वितरण नहीं होने के कारण चना खराब हो गया और अपनी लापरवाही छिपाने के लिए उसे सुनसान स्थान पर फिंकवा दिया गया।
स्थानीय लोगों ने इसे केवल अनाज की बर्बादी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों और उनकी भूख के साथ खिलवाड़ बताया है। लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार गरीबों के लिए मुफ्त राशन योजनाओं का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही योजनाओं की सच्चाई उजागर कर रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मामले में संबंधित अधिकारियों, परिवहनकर्ताओं और उचित मूल्य दुकान संचालकों की मिलीभगत हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर रामानुजगंज के खाद्य अधिकारी छबीला पैकरा ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि यह चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली का पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय