डिजिटल क्रॉप सर्वे : ग्राम सभाओं में पढ़ी जा रहीं फसल प्रविष्टियां, 10 नवंबर तक होगा दावा-आपत्तियों का निराकरण
बलरामपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। जिले में खरीफ वर्ष 2026-27 के डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के तहत किसानों की फसल गिरदावरी से जुड़ी प्रविष्टियों का सार्वजनिक वाचन कराया जा रहा है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर बुधवार से शुरू हुई विशेष ग्राम सभाएं शुक्रवार तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक गांव में आयोजित की जा रही हैं।
इन ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वे और पीव्ही एप के माध्यम से किए गए सर्वे के प्रथम एवं द्वितीय चरण की प्रविष्टियां किसानों की मौजूदगी में पढ़कर सुनाई जा रही हैं। साथ ही उनसे दावा-आपत्तियां भी प्राप्त की जा रही हैं।
सर्वेक्षण से संबंधित सूचियां ग्राम पंचायतों में अवलोकन के लिए उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसान अपनी फसल और खसरा से जुड़ी जानकारी का मिलान कर सकें। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। किसानों को अपनी प्रविष्टियों में त्रुटि सुधार का अवसर मिल रहा है, जिससे धान खरीद से पहले सभी जानकारियां सही की जा सकें और किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो।
कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को ग्राम सभाओं में प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण कर 10 नवंबर तक अनिवार्य रूप से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राजस्व अमले द्वारा ग्राम सभाओं की निगरानी भी की जा रही है।
इसी क्रम में रामानुजगंज अनुविभाग के धौली सहित कुलूडीह, जम्वान्तपुर और सैल्जू आदि गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। यहां डिजिटल क्रॉप सर्वे और पी.व्ही. एप से तैयार सर्वे सूची का वाचन कर किसानों से दावा-आपत्तियां प्राप्त की गईं। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी राजस्व अधिकारियों की निगरानी में यह प्रक्रिया संचालित हो रही है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे ग्राम सभाओं में पहुंचकर अपनी फसल संबंधी प्रविष्टियों का अवलोकन करें। यदि सर्वे सूची में किसी तरह की त्रुटि मिलती है तो निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करें, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय