बलरामपुर में चेकडैम निर्माण की गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, तकनीकी सहायक की संविदा सेवा समाप्त; 9.13 लाख की होगी वसूली
बलरामपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले में चेकडैम निर्माण की गुणवत्ता में खामियां और तकनीकी अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, तीन तकनीकी सहायकों से कुल 9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच के दायरे में आए सभी 17 चेकडैम कार्यों का भुगतान भी रोक दिया गया है। इसके अलावा पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और संबंधित जनपद के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
दरअसल, 12 मार्च 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में जिले में चेकडैम निर्माण की गुणवत्ता को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य कार्यालय के निर्देश पर मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) से 17 चेकडैम निर्माण कार्यों की जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में कुछ कार्यों में कंक्रीट की गुणवत्ता और उप-संरचनाओं के निर्माण में तकनीकी कमियां पाई गईं। प्रतिवेदन में कंक्रीट की सतह पर प्लास्टर किए जाने और निर्माण कार्यों का अधिक मूल्यांकन किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
जांच के आधार पर तकनीकी सहायक रोहित कुमार, अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता से कुल 9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश जारी किए गए हैं। कार्रवाई के तहत 30 अक्टूबर को जारी आदेश के माध्यम से जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, तकनीकी सहायक अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। दोनों को अंतिम चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।
जांच में शामिल 17 चेकडैम कार्यों का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। इनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बलरामपुर के 12 और जनपद पंचायत राजपुर के 5 कार्य शामिल हैं। प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी और पर्यवेक्षण में जिम्मेदारी तय करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बलरामपुर के कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत तथा उप संभाग राजपुर के अनुविभागीय अधिकारी जानूराम सोनवानी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। इसके साथ ही जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे और कार्यक्रम अधिकारी मानसाय सिदार से भी जवाब मांगा गया है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्यों का उद्देश्य केवल संरचनाएं तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जिनका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय