डभरा में बहरूपिया कलाकारों ने पेश की आस्था की अनूठी मिसाल

 




सक्ती/डभरा, 19 अक्टूबर (हि. स.)। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जहां जगह-जगह भव्य दुर्गा पंडाल, आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है, वहीं सक्ती जिले के नगर पंचायत डभरा में मां दुर्गा के प्रति आस्था की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। यहां मध्यप्रदेश से आए बहरूपिया कलाकारों के पांच परिवारों ने सीमित संसाधनों के बावजूद मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर भक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की है। इन परिवारों के पास न लाखों रुपए का बजट है और न ही भव्य पंडाल बनाने के साधन, लेकिन माता रानी के प्रति उनकी श्रद्धा में कोई कमी नहीं है।

नगर पंचायत डभरा के कॉलेज मार्ग स्थित धान खरीदी केंद्र के पास छोटी-छोटी गुमटियों में रहने वाले इन पांच परिवारों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की है। यहां न आकर्षक लाइटिंग की चकाचौंध है और न ही महंगी सजावट का तामझाम। इसके बावजूद परिवार के सभी सदस्य पूरे श्रद्धाभाव से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर नवरात्रि का पर्व मना रहे हैं।

मध्यप्रदेश से आकर डभरा में रह रहे इन बहरूपिया कलाकार परिवारों की आस्था लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। सीमित संसाधनों के बीच भी इन परिवारों ने अपनी धार्मिक परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखा है। उनका छोटा-सा पूजा स्थल यह संदेश दे रहा है कि सच्ची भक्ति के लिए धन-दौलत और भव्य आयोजन की नहीं, बल्कि मन में श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता होती है।

आज के दौर में जहां दुर्गा पूजा आयोजनों में भव्यता और सजावट की होड़ देखने को मिलती है, वहीं डभरा के इन पांच परिवारों की सादगीपूर्ण आराधना एक अलग पहचान बना रही है। इनकी भक्ति यह साबित करती है कि मां दुर्गा के प्रति समर्पण का आकलन पंडाल के आकार या आयोजन में खर्च होने वाली राशि से नहीं किया जा सकता।

डभरा में बहरूपिया कलाकारों के इन परिवारों द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सादगी, विश्वास और समर्पण का संदेश भी दे रही है। इन परिवारों ने दिखा दिया है कि संसाधन भले ही सीमित हों, लेकिन मन में सच्ची श्रद्धा हो तो हर छोटा आयोजन भी विशेष बन जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT