अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना : पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला
रायपुर 29 मई (हि.स.)। श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने आज शुक्रवार काे मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री लखन देवांगन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय एसएल जांगड़े एवं सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय एस.एल. जांगड़े एवं सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।
श्रम विभाग के सचिव एवं श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तार से मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की प्रत्येक कल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचे।
बैठक में बताया गया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा तथा उनकी संपूर्ण शिक्षा का खर्च राज्य का श्रम विभाग वहन करेगा। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली में आगे बढ़ने का अवसर देना है।
नए शैक्षणिक सत्र से इस योजना की सीट क्षमता को 100 से बढ़ाकर 200 कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक पात्र बच्चों को लाभ मिल सकेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त गुप्ता ने यह भी कहा कि श्रमिकों का पंजीयन, नवीनीकरण एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने श्रमिकों के हितों, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
बैठक में विभिन्न अन्य योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, सहायता योजनाओं, श्रमिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा ऑनलाइन निरीक्षण प्रणाली की भी समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को ठेकेदारों के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों की वास्तविक संख्या की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।
इस योजना से न केवल श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनके बच्चों के लिए शिक्षा के नए द्वार भी खुलेंगे। यह पहल राज्य में सामाजिक समानता और शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त परिवर्तन का प्रतीक मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल