दिशा समिति' की बैठक में बस्तर सांसद ने कहा, काम का रोडमैप बनाकर कार्य योजना प्रस्तुत करें
सुकमा, 16 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार काे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर अमित कुमार अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर सहित प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सांसद ने दो टूक शब्दों में कहा कि बस्तर में नक्सलवाद खात्मा हाे गया है, ऐसे में अब विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं की लिखित सूची और ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि अगली बैठक में प्रगति की समीक्षा की जा सके।
बैठक में ग्रामीण आजीविका और अधोसंरचना विकास पर विशेष बल दिया गया। जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन के लिए डबरी निर्माण, समतलीकरण, गाय व बकरी शेड के कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं, जबकि स्कूल, मुक्तिधाम और आश्रम-छात्रावासों में पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। 'बिहान' योजना के तहत 3,537 स्व-सहायता समूहों के जरिए करीब 73,000 परिवारों को जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही आत्मसमर्पित और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए विशेष पीएम आवास का निर्माण जारी है। बाढ़ राहत के तहत 123 प्रभावित किसानों को 12.82 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई है और शत-प्रतिशत कृषकों का एग्रीस्टेक पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सांसद महेश कश्यप ने स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में मौसमी बीमारियों—मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की रोकथाम व पर्याप्त दवा आपूर्ति की स्थिति जांची। 'मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान' को गति देने तथा 82 मितानिनों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, भवनविहीन व शिक्षक विहीन स्कूलों की व्यवस्था सुधारने, पीएमजीएसवाई की जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने और 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के व्यापक प्रचार-प्रसार के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
संबोधन के अंत में सांसद कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के सर्वांगीण विकास पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प अनुसार 2031 तक समूचे बस्तर को देश के सबसे उन्नत और विकसित संभाग के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' और डीएमएफ फंड का प्रभावी समन्वय कर जनहितैषी योजनाओं को धरातल पर उतारने का आह्वान किया। साथ ही, सभी विभागों को अपनी योजनाओं व विकास कार्यों की पूरी जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से साझा करने के निर्देश दिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में दिशा समिति के सभी पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे