अर्नब चक्रवात ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में गिरी धान की फसल होने लगी अंकुरित
बलरामपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। अर्नब चक्रवात के असर से हुई लगातार बारिश और तेज हवाओं ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई और पानी में भीगने के कारण खराब होने लगी है। नमी के चलते धान की बालियों में अंकुरण भी शुरू हो गया है। महीनों की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका खड़ी हो गई है।
जिले में धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार थी। इसी बीच अर्नब चक्रवात के प्रभाव से आए आंधी-तूफान और बारिश ने खेतों में खड़ी फसल को जमीन पर गिरा दिया। कई जगह खेतों में कटी हुई फसल भी बारिश में भीग गई। लगातार नमी बने रहने से धान की बालियां खराब होने और अंकुरित होने लगी हैं। इससे किसानों को उपज की गुणवत्ता और नुकसान की भरपाई को लेकर चिंता सता रही है।
पुरानडीह के दादरपारा की महिला किसान सीमा ने बताया कि चक्रवात के कारण उनकी फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में लहलहाती धान की फसल पूरी तरह गिर गई है और बालियां भी खराब होने लगी हैं। बारिश के कारण नमी बढ़ने से धान में अंकुरण हो रहा है।
वहीं, ग्राम देवीगंज के पटेलपारा निवासी किसान संकट ठाकुर ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से आए आंधी-तूफान और बारिश के कारण उनकी फसल को भारी नुकसान हुआ है। धान की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई और पानी में भीगने से बालियां खराब होने लगी हैं। उन्होंने बताया कि फसल पककर तैयार थी और कटाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
नुकसान के सर्वे के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी
किसान संकट ठाकुर का कहना है कि फसल खराब होने के बावजूद अब तक पटवारी या कृषि विभाग का कोई अधिकारी खेतों में नुकसान का सर्वे करने नहीं पहुंचा है। ऐसे में किसानों को नुकसान का आकलन और मुआवजा मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है।
इस संबंध में कृषि विभाग के उप संचालक रामचंद्र भगत ने बताया कि अर्नब चक्रवात का असर जिले में भी पड़ा है और करीब 48 घंटे तक लगातार बारिश हुई। खेतों में कटी पड़ी धान की फसल का निरीक्षण कराया जा रहा है। एक-दो दिनों में नुकसान की रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे प्रभावित रकबे की जानकारी सामने आएगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नियमानुसार बीमा का लाभ मिलेगा। वहीं, जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है और जिनकी फसल को अधिक नुकसान हुआ है, उनके लिए राज्य सरकार की ओर से भी मुआवजे का प्रावधान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय