झीरम घाटी नक्सली हमले में फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील पेश हुई
जगदलपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में कानूनी प्रक्रिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। जगदलपुर स्थित विशेष एनआईए न्यायालय के न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने मामले में 10 आरोपिताें को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाए जाने के बाद, अब बचाव पक्ष ने इस फैसले को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील पेश कर दी गई है।
विशेष एनआईए न्यायालय जगदलपुर में पैरवी कर रहे बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने गुरुवार काे जानकारी दी कि उन्होंने मामले के सभी दोषियों के परिजनों से विचार-विमर्श करने के उपरांत बिलासपुर हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी है। याचिका दाखिल किए जाने के बाद अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी होने का इंतजार है। मामले में हाईकोर्ट द्वारा अपील स्वीकार किए जाने और नोटिस जारी होने के बाद आगे की कानूनी बहस और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
हाल ही में एनआईए की विशेष अदालत ने झीरम घाटी हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 10 आरोपिताें को दोषी ठहराया था और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। एनआईए न्यायालय के इस सख्त फैसले को अब चुनौती देते हुए बचाव पक्ष ने अपील दायर की है। बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में तर्क प्रस्तुत कर निचली अदालत के फैसले की समीक्षा और राहत की मांग की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे