म्यूल अकाउंट गिरोह पर जांजगीर-चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपित गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा, 25 जुलाई (हि. स.)। जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शनिवार काे एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। मामले में इससे पहले पांच आरोपिताें को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। ताजा कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपित के बैंक खाते के माध्यम से 1.55 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन होने का खुलासा हुआ है।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर साइबर थाना जांजगीर-चांपा लगातार म्यूल अकाउंट के जरिए संचालित साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चला रहा है। जांच के दौरान पुलिस को समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर तकनीकी साक्ष्य और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
विवेचना में सामने आया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में दर्ज तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल 1,62,149 रुपये की ठगी की गई थी। यह राशि आरोपिताें द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार इन खातों का उपयोग साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और अपनी पहचान छिपाने के लिए किया।
जांच के दौरान पुलिस ने निखिल पांडेय (26 वर्ष), निवासी ग्राम पचौरी, थाना सारागांव, वर्तमान निवासी शंकर नगर, चांपा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद विधिवत गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए आज उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था, जिससे वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।
पुलिस ने बताया कि ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। म्यूल अकाउंट वह खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति लालच या कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए देता है। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया जाता है। कानून के अनुसार अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध में बराबर का सहभागी माना जाता है और उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाती है।
जांजगीर-चांपा साइबर थाना ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगी की किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने अथवा वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सहायक उप निरीक्षक विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा एवं साइबर थाना की टीम की सराहनीय भूमिका रही।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT