तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने दिया धरना
धमतरी, 26 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कल्याण संघ द्वारा तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शहर के गांधी मैदान में गुरुवार को धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कल्याण संघ की जिलाध्यक्ष रेवती वत्सल, उपाध्यक्ष केकती साहू, सचिव मीना विश्वकर्मा एवं कोषाध्यक्ष वेदिका देवांगन ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर प्रथम चरण में 26 एवं 27 फरवरी को जिला मुख्यालय में लंबित मांगों के ध्यानाकर्षण के लिए सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। देश में आइसीडीएस की स्थापना हुए और आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करते 50 वर्ष हो गए है। महिला एवं बाल विकास विभाग देश भर में स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है। विभाग की हर योजना को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका गांव से लेकर शहर तक घर-घर पहुंचाने का काम कर रही है। साथ ही एसआइआर कार्य, कोविड महामारी और निर्वाचन कार्यों में भी अहम भूमिका रही है। लेकिन इन 50 वर्षों में केंद्र सरकार की ओर से कार्यकर्ता को प्रतिमाह केवल 4500 रुपये और सहायिका को 2250 रुपये मानदेय प्रदान किया जा रहा है। इतने कम मानदेय में परिवार चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ है।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 के बाद से कोई भी राशि में वृद्धि नहीं की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार द्वारा इन दो वर्षों में भी किसी प्रकार के न तो मानदेय में वृद्धि की गई है और न ही कोई अन्य सुविधा प्रदान की है। राज्य सरकार के बजट में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के लिए कोई विशेष प्रविधान नहीं किया गया है। जिससे जिले की लगभग 2200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं में आक्रोश व्याप्त है। इस दौरान रश्मि शर्मा, संतोषी साहू, अन्नपूर्णा मानिकपुरी, डाली देवांगन, ईश्वरी साहू, सरस्वती मरकाम, पुष्पा साहू, सुनीता कश्यप सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित थे।
इन तीन सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे
इनकी प्रमुख मांग है कि शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के तर्ज पर सभी सुविधाएं दी जाए। सामाजिक सुरक्षा के रूप में मासिक पेंशन, बीमा, सेवानिवृत्ति और मृत्यु पर एक मुश्त राशि एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। इन मांगों को लेकर 27 फरवरी को रैली निकालकर देश के प्रधानमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव देव साय, प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं द्वितीय चरण में नौ मार्च को प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन एवं रैली निकालकर कर विधानसभा का घेराव करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा