नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

 


धमतरी, 04 नवंबर (हि.स.)। जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने नियमितीकरण, 30 हजार रुपये मानदेय और पदोन्नति समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 17 से 19 नवंबर तक तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ जुझारू कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की जिलाध्यक्ष रेवती वत्सल, उपाध्यक्ष केकती साहू, सचिव मीना विश्वकर्मा और कोषाध्यक्ष वेदिका देवांगन ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं लंबे समय से अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करा रही हैं, लेकिन अब तक मांगों का निराकरण नहीं हुआ है। कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक 30 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। इसके अलावा 200 से अधिक रिक्त पर्यवेक्षक पदों पर आयु सीमा में छूट देकर परीक्षा के बिना 50 प्रतिशत पदोन्नति से कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करने तथा सहायिकाओं को शत-प्रतिशत कार्यकर्ता पद पर पदोन्नत करने की मांग की गई है।

सेवा समाप्ति के बाद कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को 10 लाख रुपये एकमुश्त देने की मांग भी शामिल है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पोषण ट्रैकर एवं अन्य एप में काम करने के लिए कार्यकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला 5 जी मोबाइल उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में मिलने वाली इंटरनेट खर्च की राशि बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह की जाए। मुनगा एप में काम नहीं लेने तथा महतारी वंदन योजना के कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि देने की मांग भी रखी गई है। प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर इस योजना का काम नहीं लेने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 17 से 19 नवंबर तक तीन दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा