अम्बिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा में बड़ी चूक, दरवाजा तोड़कर फिर फरार हुए 13 अपचारी बालक

 


अम्बिकापुर, 15 जुलाई (हि.स.)। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कन्या परिसर रोड बिशुनपुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर तार-तार हो गई है। मंगलवार रात यहां निरुद्ध 14 अपचारी बालकों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए भागने की कोशिश की। इनमें से एक बालक को तो मौके पर ही पकड़ लिया गया, लेकिन शेष 13 बालक परिसर का पुराना दरवाजा क्षतिग्रस्त कर और अहाता फांदकर फरार होने में कामयाब रहे।

घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नाकेबंदी कर बच्चों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही बच्चों के परिजनों को भी सूचित कर निर्देशित किया गया है कि यदि बच्चे उनसे संपर्क करते हैं, तो उन्हें वापस लौटने के लिए प्रेरित करें।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस बाल संप्रेक्षण गृह से बच्चों के भागने की यह एक महीने के भीतर दूसरी और इस साल की तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले इसी साल फरवरी में भी कुछ अपचारी बालक यहां से भागे थे। वहीं, बीते 23 जून को भी बारिश का फायदा उठाकर 13 अपचारी बालक खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे, जिनमें से दो बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। 23 जून की घटना के बाद कलेक्टर अजीत वसंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने खुद मौके का मुआयना किया था। अधिकारियों ने संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा में कमियों को देखते हुए उन्हें तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए थे।

प्रशासनिक मुस्तैदी के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी का ही नतीजा है कि महज एक महीने के भीतर अपचारी बालक दोबारा इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने में सफल रहे।

बाल संप्रेक्षण गृह की प्रभारी अधिकारी शमा नूरी ने बताया कि, “पूर्व में जो बच्चे भागे थे उनमें से 10 बच्चों को हमने रिस्टोर कर लिया था। उनमें एक बच्चा था बहुत बाद में रिस्टोर हुआ, वही मास्टरमाइंड है। उसी के साथ पुराने तीन बच्चे और दस नए बच्चे, कुल 13 बच्चे यहां से फरार होने में सफल हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक से मिली थी। नगर सैनिकों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। जिसके लिए उन्होंने सहमति जताई है और आश्वासन दिया है। इस परिसर में जितने भी खिड़की दरवाजे हैं। उसमें वेल्डिंग करवाकर सुदृढ़ करने का काम चल ही रहा है। किस प्रकार से बच्चे भागे है ये जांच का विषय है। सीसीटीवी फुटेज देखेंगे और समझने का कोशिश करेंगें। अलग-अलग अपराध के बच्चे हैं और अलग-अलग जिले के हैं। हमने संबंधित न्यायालय, पुलिस अधीक्षक और राज्य स्तर सूचना दे दी है।”

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह