अम्बिकापुर में अघोषित बिजली कटौती पर भड़कीं महापौर, अधिकारियों को फटकारा
अम्बिकापुर, 09 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त है, जिसका सीधा गुस्सा अब नगर निगम के जनप्रतिनिधियों पर फूट रहा है। नागरिकों की लगातार मिल रही तीखी शिकायतों के बाद आखिरकार नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत का पारा चढ़ गया।
इस गंभीर समस्या को लेकर महापौर ने पार्षदों के साथ मिलकर बिजली विभाग के आला अधिकारियों और ठेकेदारों की एक आपात बैठक बुलाई। बैठक के दौरान बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष जताते हुए महापौर ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली और उन्हें सीधे शब्दों में अपनी कार्यशैली सुधारने की नसीहत दी।
महापौर मंजूषा भगत ने कड़े तेवर अपनाते हुए अधिकारियों पर तंज कसा और कहा कि विभाग के जिम्मेदार लोग इतने ढीठ हो चुके हैं कि उन्हें आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शहर की विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो इसकी सीधी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री से की जाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इसके बाद भी स्थिति नहीं बदली तो अम्बिकापुर में पदस्थ लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को यहाँ से हटवाने के लिए वे राज्य सरकार को पत्र लिखेंगी।
उल्लेखनीय है कि अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र के निवासी भीषण गर्मी के महीनों में भी बिजली की भारी किल्लत से जूझते रहे। उस वक्त लोगों को उम्मीद थी कि मॉनसून आने और गर्मी का मौसम बीतने के बाद अघोषित बिजली कटौती का यह सिलसिला थम जाएगा, लेकिन जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं। आज भी शहर के लोग बिजली की आँख-मिचौली से परेशान हैं और सीधे अपने वार्ड के पार्षदों को खरी-खोटी सुना रहे हैं। चिंता की बात यह भी है कि इस अनियंत्रित बिजली कटौती के कारण शहर में पेयजल की आपूर्ति (सप्लाई) भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे संकट और गहरा गया है।
पार्षदों द्वारा इस विकट स्थिति से अवगत कराए जाने के बाद ही महापौर ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बिजली कंपनी के जिम्मेदारों को तलब किया था।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह