पोटियाडीह में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
धमतरी, 10 अगस्त (हि.स.)। ग्राम पोटियाडीह में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग और निकासी नाली को पाटकर जल निकासी बाधित करने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में साेमवार को ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे और प्रशासन को शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार पोटियाडीह निवासी भूमि स्वामी की ग्राम पोटियाडीह में स्थित कृषि भूमि में बिना आवश्यक वैधानिक अनुमति, रेरा स्वीकृति और पंचायत एनओसी के प्लाटिंग की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कृषि उपयोग की भूमि को करीब 32 प्लाटों में विभाजित कर लोगों को बेचा जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त भूमि पोटियाडीह के नाले से लगी हुई है, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्र का वर्षा जल बहकर खारून नदी की ओर जाता है। उनका कहना है कि कृषि भूमि को अवैध तरीके से पाटकर प्लाटिंग किए जाने तथा नाली के निकासी मार्ग को अवरुद्ध करने से आसपास के किसानों के खेतों में पानी भरने की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि निकासी मार्ग बंद रहा तो आगामी बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी खेतों में जमा हो सकता है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्रामीणों द्वारा कई बार निकासी मार्ग को बाधित नहीं करने का विरोध किया गया, इसके बावजूद कथित रूप से मार्ग को अवरुद्ध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की स्थल जांच कराने, कृषि भूमि पर हो रही प्लाटिंग की वैधानिकता की जांच करने, आवश्यक अनुमति के बिना प्लाटिंग पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने तथा संबंधित भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला किसानों की जमीन और जल निकासी व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को समय रहते हस्तक्षेप कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और भविष्य में जलभराव की समस्या से बचाया जा सके। इस अवसर पर प्रीतम लाल, नंदकुमार, मितेश, कुलेश्वर, अनिल तिवारी, भागवत राम, मनीष साहू, कोमल सिंह ठाकुर, रिखीराम, हेमंत कुमार, आनंद पटेल, सीताराम ध्रुव, लक्ष्मी नारायण, मनीषस साहू, लक्ष्मीनारायण, सुखराम, विक्की, देवेंद्र पटेल, नरेंद्र साहू, जितेंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा