नियमों को किनारे रखकर फर्जी एनओसी बांटने के कथित आरोप को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश धरने पर बैठे

 


रायपुर, 22 जून (हि.स.)। रायपुर जिले के तिल्दा थाने के सामने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सोमवार एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है, अब मैं बैठ गया हूं, तो बिना प्राथमिकी कराए यहां से उठूंगा नहीं।

उन्होंने साफ किया कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, उनका यह धरना जारी रहेगा। मामला एक उद्योग और प्लांट के लिए नियमों को किनारे रखकर फर्जी एनओसी बांटने का है।प्रदर्शन स्थल पर जब पुलिस अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री को हटाने पहुंचे, तो बघेल ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब वे पहले अपनी बात समझा रहे थे तब प्रशासन नहीं सुन रहा था। अब बिना प्राथमिकी दर्ज कराए वे एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

भूपेश बघेल ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि मुकदमा करने वाले आपके सगे हैं और उन्हें संरक्षण मिला हुआ है। अगर ऐसा है, तो हम लोगों को ही अंदर (जेल) कर लो।

उल्लेखनीय है कि तिल्दा इलाके में एक नए प्लांट को खड़ा करने की तैयारी चल रही है, लेकिन जिस तरह से इसके लिए एनओसी हासिल की गई, उस पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर पर्दे के पीछे से सब सेट कर दिया। आज जब बात हद से आगे बढ़ गई, तो ग्रामीण उग्र हो गए और थाने का दरवाजा खटखटाया। भूपेश बघेल ने इन ग्रामीणों का मोर्चा संभाल लिया है।

धरने पर बैठे भूपेश बघेल ने कहा कि आखिर प्रशासन किसे बचा रहा है? ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तरों में बैठकर जो खेल खेला गया, उसमें कई बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल आला अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रही है, लेकिन बाहर भीड़ बढ़ती ही जा रही है।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अभी तो सिर्फ वे अकेले धरने पर बैठे हैं, लेकिन अगर मांग पूरी नहीं हुई तो पूरा जिला और प्रदेश भी इस आंदोलन में शामिल होने आगे आएगा। जब तक भ्रष्टाचारियों के खिलाफ प्राथमिकी नहीं होती, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

मौके पर पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। मगर ग्रामीण और भूपेश बघेल अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा