जशपुर: 74 हेक्टेयर ऑयल पाम रोपण पर राज्य का अतिरिक्त अनुदान, किसानों को मिलेगा लंबी अवधि का लाभ

 




जशपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। जशपुर जिले में 74 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम पौध रोपण और खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह कदम खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने और किसानों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास के तहत नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल योजना के अंतर्गत लिया गया है।

योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाले अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान भी दे रही है। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं उच्च उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना कम रहती है। अन्य फसलों की तुलना में इसकी देखभाल आसान होती है और चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर 25-30 वर्षों तक निरंतर तेल उत्पादन मिलता है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखता है, जिससे किसानों को स्थायी आर्थिक लाभ होता है।

राज्य सरकार ने प्रारंभिक लागत और 3-4 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान की व्यवस्था की है। सहायक संचालक उद्यानिकी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जशपुर जिले में कुल 74 हेक्टेयर ऑयल पाम रोपण कार्य पूरा कर लिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान में ऑयल पाम रखरखाव के लिए 5250 रुपये प्रति हेक्टेयर के बजाय 6750 रुपये दिए जाएंगे। अंतरवर्ती फसलों के लिए अनुदान बढ़ाकर 10,250 रुपये किया गया है। ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले किसानों को 8,835 रुपये की अतिरिक्त राशि सहित कुल 22,765 रुपये का अनुदान मिलेगा। पौधों और अंतरवर्ती फसलों को जानवरों से बचाने के लिए फेसिंग पर 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार, रखरखाव, अंतरवर्ती फसल, फेसिंग और ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69,620 रुपये तक का टॉप-अप अनुदान केवल ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को मिलेगा।

किसान योजना से संबंधित जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों और अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह