गांवों की जरूरत के अनुरूप बने विकास की ठोस कार्ययोजना: आयुक्त सिन्हा
धमतरी, 05 सितंबर (हि.स.)। गांवों की वास्तविक जरूरतों को केंद्र में रखकर विकास कार्यों की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और ऐसी गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण हो, जिनका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिल सके। यह बात विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने शनिवार को विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों के भ्रमण के दौरान कही।
उन्होंने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा सहित पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आयुक्त सिन्हा ने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया, जबकि ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने पौधरोपण भी किया। धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने निर्माण में लगे श्रमिकों से सीधे संवाद किया और मजदूरी भुगतान की स्थिति जानी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों से जुड़े भुगतान की आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ श्रमिकों के हितों और उन्हें समय पर मजदूरी भुगतान का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके बाद उन्होंने अमृत सरोवर का निरीक्षण किया तथा स्व-सहायता समूह द्वारा की जा रही मछली पालन गतिविधियों की जानकारी ली।
समूह के सदस्यों से आय, आजीविका और गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने जल संरक्षण से निर्मित परिसंपत्तियों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। पंचायत भवन में क्यूआर कोड स्कैन कर उन्होंने ग्राम पंचायत में पूर्ण एवं प्रगतिरत विकास कार्यों की डिजिटल जानकारी देखी। उन्होंने क्लार्ट ऐप और युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों और निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली।
उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, पोर्टल पर कार्यों की प्रगति समय-समय पर अपडेट करने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। चरमुड़िया के आंगनबाड़ी केंद्र में आयुक्त ने बच्चों के पोषण, स्वच्छता, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली।
आयुक्त सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत बारिश के दौरान और बारिश के बाद प्राथमिकता से किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि कार्यों का चयन स्थानीय जरूरत, उपलब्ध संसाधन, प्राकृतिक परिस्थितियों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना महज औपचारिक दस्तावेज न होकर उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। जल संरक्षण, भूमि एवं जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने तथा गांवों की आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी उन्होंने दिए। साथ ही कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि योजनाओं की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन तभी है, जब उनका लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा