हंकारा में सड़क किनारे झुका बबूल बना हादसे का कारण, ग्रामीणों में दहशत
धमतरी, 23 मई (हि.स.)। धमतरी जिले के ग्राम पंचायत हंकारा में आदिवासी भवन के सामने सड़क किनारे स्थित एक विशाल बबूल वृक्ष इन दिनों ग्रामीणों के लिए चिंता और भय का कारण बन गया है। हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के बाद पेड़ की जड़ें काफी हद तक जमीन छोड़ चुकी हैं, जिससे वह एक ओर झुक गया है। ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और चाहते हैं कि किसी दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान हो जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पेड़ कभी भी अचानक गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे गंभीर बात यह है कि पेड़ के बीचों-बीच बिजली का तार भी गुजर रहा है, जो केवल नाम मात्र के सहारे टिका हुआ है। ऐसे में पेड़ गिरने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ जानमाल का नुकसान होने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग है, जहां दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। चौबीसों घंटे मालवाहक वाहन, सवारी गाड़ियां, मोटरसाइकिल और साइकिलें गुजरती रहती हैं। ऐसे में झुके हुए पेड़ के कारण लोगों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। ग्राम डाही के नीरसिंह डाहरे, हरबंस ध्रुव और जगेद्र निर्मलकर ने बताया कि कई बार संबंधित जिम्मेदारों को इस खतरे की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ग्राम हंकारा के बुलाकी साहू, मोहन कुमार, देवेंद्र कुमार पटेल और संतोष साहू ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत को गंभीरता दिखाते हुए झुके हुए पेड़ को तत्काल कटवाना चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पेड़ कटवाने के लिए शिकायत किए जाने के बावजूद पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
वन विभाग को दे दी गई है सूचना:
इस संबंध में ग्राम पंचायत हंकारा की सरपंच डिगेश्वरी साहू ने बताया कि ग्रामीणों से शिकायत प्राप्त होने के बाद वन विभाग को सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पेड़ को काटा जाएगा, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुविधाजनक बना रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा