धमतरी में वर्षों से जमे सात अधिकारी-कर्मचारी मूल स्कूलों में लौटाए गए
धमतरी, 20 जुलाई (हि.स.)। शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा धमतरी ने वर्षों से विकासखंड एवं जिला स्तर के कार्यालयों में पदस्थ सात अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर उनके मूल विद्यालयों में वापस भेज दिया है। कलेक्टर एवं मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी इस आदेश से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है।
विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई को लंबे समय से कार्यालयों में जमे कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके मूल संस्थानों में भेजा गया है, उनमें ओंकारनाथ बंजारे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अकलाडोंगरी, खिलेश कुमार साहू (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरेतरा, सुरेश कुमार ध्रुव (लेखापाल) – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कण्डेल, ललित कुमार सिन्हा (बीआरसीसी) – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारना, कुलेश्वर सिन्हा (बीआरसीसी) – शासकीय कन्या माध्यमिक शाला कुरूद, तामेश्वर प्रसाद ठाकुर (बीआरसीसी) – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़ेनी (मगरलोड) तथा प्रकाश चंद साहू (बीआरसीसी) – शासकीय माध्यमिक शाला पंडरीपानी (माल), नगरी शामिल हैं।
लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के बजाय वर्षों से जिला एवं विकासखंड कार्यालयों में कार्यरत थे, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई थी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल अपने मूल विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना या कार्यभार ग्रहण करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा