सुकमा के करीगुंडम में शत-प्रतिशत प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत, अब बिजली की मांग
सुकमा, 26 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का ग्राम पंचायत करीगुंडम, जो कभी नक्सली गतिविधियों के कारण चर्चित रहा, अब विकास और बदलाव की नई कहानी लिख रहा है।
सुकमा जिला मुख्यालय से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र कभी दुर्दांत नक्सली कमांडर हिड़मा, बारसे देवा और पापाराव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता था। लेकिन सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आज यहां विकास की नई बयार दिखाई दे रही है। इसी बदलाव को देखने और ग्रामीणों से संवाद करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं अधिवक्ता दीपिका शोरी शुक्रवार काे करीगुंडम पहुंचकर किसी औपचारिक मंच या वीआईपी व्यवस्था के बजाय उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बिछी चटाई पर बैठकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
करीगुंडम पंचायत के अंतर्गत कुल आठ पारा शामिल हैं, जिनमें तीन वनग्राम भी आते हैं। लगभग 4,500 की आबादी वाले इस क्षेत्र में परिवारों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए शासन द्वारा यहां कुल 719 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। दीपिका शोरी ने कहा कि शत-प्रतिशत प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति यह दर्शाती है कि सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में पंचायत का कोई भी परिवार कच्चे मकान में नहीं रहेगा।
ग्रामीणों ने बिजली की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। उन्होंने बताया कि पड़ोसी ग्राम पालोड़ी तक बिजली पहुंच चुकी है, जो करीगुंडम से मात्र पांच किलोमीटर दूर है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत के अधिकांश घर आज भी अंधेरे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र शासन की महत्वाकांक्षी 'नियद नेल्लानार' योजना में शामिल होने के बावजूद अब तक विद्युत सुविधा से वंचित है। इस पर दीपिका शोरी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस समस्या को शासन के उच्चस्तर तक पहुंचाकर जल्द समाधान का प्रयास करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे