हरिद्वार में गूंजेगा बिहार का नाम, 25वीं नेशनल कराटे चैंपियनशिप के लिए सुपौल से टीम रवाना

 


सुपौल, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित गुरु मंडल आश्रम में आयोजित होने वाली 25वीं आईएसकेएफ इंडिया नेशनल कराटे चैंपियनशिप एवं मास्टर कैंप-2026 में बिहार का प्रतिनिधित्व करने के लिए सुपौल के प्रतिभावान कराटे खिलाड़ियों का दल बुधवार को उत्साह और जोश के साथ रवाना हुआ।

ड्रैगन कराटे एकेडमी सुपौल एवं डिस्ट्रिक्ट कराटे एसोसिएशन ऑफ सुपौल के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। सुपौल के खिलाड़ी संपूर्ण बिहार राज्य की टीम का हिस्सा बनकर राष्ट्रीय मंच पर काटा और कुमिते स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है और वे लंबे समय से इसके लिए अभ्यास कर रहे हैं।

आयोजन के तहत 2 एवं 3 अक्टूबर को मास्टर कैंप आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 4 अक्टूबर को मुख्य चैंपियनशिप के अंतर्गत काटा और कुमिते के मुकाबले होंगे, जिसमें विभिन्न आयु एवं वर्गों के खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

सुपौल से रवाना हुए खिलाड़ियों के दल को जिला खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार यादव, जिला कराटे संघ के अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव, महासचिव अनिल कुमार, विजय शंकर चौधरी, अनुनय ठाकुर एवं प्रभात कुमार सिंह सहित खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

रवानगी के दौरान खिलाड़ियों और उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिसर ‘जय बिहार’ के नारों से गूंज उठा। अतिथियों ने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आह्वान किया।

जिला कराटे एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सुपौल के खिलाड़ियों का बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करना जिले के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों से उम्मीद जताई गई कि वे अपनी मेहनत, लगन और खेल कौशल के दम पर बेहतर प्रदर्शन कर सुपौल और बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र