सहरसा-सिलीगुड़ी के बीच सीधी ट्रेन नहीं, व्यापार और पर्यटन प्रभावित
सहरसा, 07 नवंबर (हि.स.)।
सहरसा से सिलीगुड़ी के बीच पहले ट्रेन सेवा उपलब्ध थी, लेकिन बड़ी रेल लाइन बनने के बाद यह सेवा बंद हो गई। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच सीधी ट्रेन नहीं होने से व्यापारियों, पर्यटकों और आम यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक एवं पर्यटन संबंध भी प्रभावित हो रहे हैं।
इतना ही नहीं कोसी-सीमांचल क्षेत्र के विकास, व्यापार (खासकर चायपत्ती आदि) और छात्रों की सुविधा के लिए यह ट्रेन महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
*सहरसा से सिलीगुड़ी के लिए सीधी ट्रेन का इंतजार*
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मीटरगेज के दौर में सहरसा से सिलीगुड़ी के लिए जीएल एक्सप्रेस (5515/5516) का परिचालन होता था। यह ट्रेन सहरसा, बनमनखी, पुर्णिया,कटिहार, किशनगंज रेलखंड पर चलने वाली यह ट्रेन कोसी-सीमांचल के यात्रियों के लिए लाइफलाइन मानी जाती थी। लेकिन आमान परिवर्तन (गेज कन्वर्जन) के दौरान इसका परिचालन बंद कर दिया गया। ब्रॉडगेज बनने के बाद भी सहरसा से सिलीगुड़ी या न्यू जलपाईगुड़ी के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू नहीं हो सकी है। यात्रियों को कटिहार, पुर्णिया या अन्य स्टेशनों से ट्रेन बदलकर सफर करना पड़ता है। इससे व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को परेशानी होती है। अररिया-गलगलिया रेलखंड विकसित होने के बावजूद इस दिशा में सीधी रेल सेवा की कमी बनी हुई है।
*राज्यसभा सांसद का प्रयास*
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राज्यसभा सांसद (राजद ) मनोज झा ने मार्च 2021 में सहरसा होकर गुवाहाटी-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस चलाने और सहरसा-सिलीगुड़ी के बीच जीएल एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने की मांग रेल मंत्रालय से किया था। क्षेत्रवासियों ने सहरसा से सिलीगुड़ी के लिए पुनः सीधी ट्रेन चलाने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सोनी