सरकारी जमीन को रैयती घोषित करने के आरोप, सदर सीओ पर शुरू हुई विभागीय कार्रवाई
किशनगंज, 20 जून (हि.स.)। बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत 10 अंचल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी क्रम में किशनगंज सदर अंचल के अंचल अधिकारी (सीओ) राहुल कुमार भी विभागीय जांच के दायरे में आ गए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई जांच में राहुल कुमार के कार्यकाल के दौरान कई दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों में अनियमितता पाए जाने की बात सामने आई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में बिना पर्याप्त आधार के म्यूटेशन आवेदनों को अस्वीकृत किया गया, जबकि कई भूमि संबंधी मामलों में भू-अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की समुचित जांच किए बिना निर्णय लिए गए। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ सरकारी भूमि को कथित तौर पर रैयती भूमि घोषित करने के मामले सामने आए हैं।
विभाग का मानना है कि इस प्रकार की त्रुटियां और अनियमितताएं सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। साथ ही इससे आम नागरिकों को भूमि संबंधी कार्यों में अनावश्यक परेशानी और प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित अंचल अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी विभाग राज्यभर में लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है।
ताजा कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है। वहीं, आम लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे भूमि विवादों, दाखिल-खारिज प्रक्रियाओं और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह