मैथिली की मिठास, अंग्रेजी की अभिव्यक्ति और प्रतिभाओं का सम्मान
सुपौल, 01 सितंबर (हि.स.)। सेंट जेवियर्स स्कूल, सुपौल में सोमवार को मातृभाषा अभिव्यक्ति निबंध लेखन प्रतियोगिता का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भाषायी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली। 20 अगस्त को आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मैथिली और अंग्रेजी में निबंध लिखकर अपनी अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर विश्वासचंद्र मिश्रा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी भाषा में सोचने और रचनात्मक तरीके से विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।
समारोह में सीबीएससी की शिक्षा व्यवस्था में भारतीय भाषाओं और त्रिभाषा सूत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बहुभाषिक शिक्षा से विद्यार्थियों में भाषायी दक्षता, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण विकसित होता है। मातृभाषा से जुड़ाव बच्चों को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ता है, जबकि अन्य भाषाओं का ज्ञान उन्हें व्यापक दुनिया को समझने में मदद करता है।
विद्यालय के प्राचार्य सर्वेश कुमार तिवारी एवं एडमिनिस्ट्रेटर विश्वासचंद्र मिश्रा ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। अतिथियों को शॉल एवं पारंपरिक मिथिला की पागड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद विद्यालय की संगीत शिक्षिका शुभांगी ने विद्यार्थियों के साथ स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मैथिली भाषा शोध परिषद, दरभंगा के निदेशक हीरेन्द्र कुमार झा ने मैथिली को मिथिला की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए विद्यार्थियों से भाषा को पढ़ने, लिखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने की अपील की।
मैथिली कवि एवं लघुकथाकार रघुनाथ मुखिया ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन एवं लेखन के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि मैथिली साहित्यकार एवं संपादक अरविन्द ठाकुर ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए भाषा और साहित्य से जुड़े रहने का संदेश दिया। इन विद्यार्थियों ने हासिल किया स्थान
प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में कविता (कक्षा 6, मैथिली) ने प्रथम, अर्णव (कक्षा 7, अंग्रेजी) ने द्वितीय तथा लिसा जैन (कक्षा 6, मैथिली) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं वरिष्ठ वर्ग में श्वेता कुमारी (कक्षा 10, मैथिली) प्रथम, अनुष्का (कक्षा 10, अंग्रेजी) द्वितीय तथा सालिहा परवीन (कक्षा 9, अंग्रेजी) तृतीय स्थान पर रहीं।
सभी विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया। समापन के अवसर पर प्राचार्य सर्वेश कुमार तिवारी ने अतिथियों, शिक्षकों, आयोजकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि मातृभाषा से जुड़ना अपनी जड़ों से जुड़ना है। युवा पीढ़ी भाषा और संस्कृति को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। समारोह ने विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति गौरव के साथ-साथ विभिन्न भाषाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति उत्साह का संचार किया।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र