मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास

 


भागलपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा योजना को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत–जी राम जी योजना किए जाने के प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है।

सरकार की ओर से प्रस्ताव है कि योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया जाए, साथ ही साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था लागू की जाए, ताकि ग्रामीण विकास और आजीविका सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके। हालांकि यह प्रस्ताव अभी संसद में पेश किया गया है और इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को भागलपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया।

भागलपुर स्टेशन चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर गोलंबर के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष परवेज जमाल ने कहा कि महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता हैं और उनके नाम से चलने वाली मनरेगा योजना का नाम बदलना गांधीजी के विचारों और ग्रामीण गरीबों के अधिकारों का अपमान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस योजना के जरिए मजदूरों के हक को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराए जाने की आशंका है, जिससे ग्रामीण मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी इस फैसले का लगातार विरोध करेगी और प्रखंड, पंचायत और वार्ड स्तर तक जाकर मजदूरों को जागरूक करने का काम करेगी। एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर