मजदूर संगठनों के संयुक्त कन्वेंशन में हुई घोषणा, कहा-लेबर कोड वापस ले सरकार घोषणा

 


भागलपुर, 04 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानून को लागू किए जाने के खिलाफ एवं मेहनतकशों का अन्य सवालों पर देश के दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल में मजदूरों की भागदारी और इसके व्यापक प्रचार के लिए बुधवार को स्थानीय भीखनपुर के एटक कार्यालय में बुधवार को विभिन्न मजदूर संगठनों का संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन सम्पन्न हुआ। कन्वेंशन की अध्यक्षता ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष एसके शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, इंटक के जिला अध्यक्ष ई. रवि कुमार, सेवा के जिला अध्यक्ष उजरा बानो, एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार और एटक के जिला उपाध्यक्ष मनोहर शर्मा ने संयुक्त रुप से की।

कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए मजदूर संगठनों के वक्ताओं ने मजदूरों के कानूनी संरक्षण को खत्म करने वाले लेबर कोड्स कानून की विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने कहा लेबर कोड मजदूरों से उनका हक छीनने का कानून है। यह हड़ताल के अधिकार को समाप्त कर देगा। इसमें न काम के गारंटी की बातें हैं न मजदूरी के गारंटी की। यह स्थायी काम के लिए भी अस्थायी भर्ती को कानूनी वैद्यता प्रदान करता है जो मेहनतकशों के स्थायी रोजगार के अधिकार को खत्म कर देगा। यह महिलाओं को रात में काम करने के लिए मजबूर करता है जो उसकी सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरा है। इसके जरिए काम के घंटे को 8 से बढ़ाकर 16 घंटे तक कर मजदूरों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण को बढ़ावा दिया गया है।

जिला स्तर पर श्रम न्यायालय को खत्म कर न्याय को मजदूरों के पहुंच से और दूर कर दिया गया है। यह पूरी तरह से मजदूर विरोधी कानून है। किंतु सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा झूठा प्रचार कर मजदूरों को बरगलाया जा रहा है और इसे मजदूरों के हित में बताया जा रहा है। ये वक्त सरकार की इस एकतरफा और मजदूर विरोधी उकसावेपूर्ण कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने का है। आइए 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल में व्यापक भागीदारी के लिए दिन–रात एक करें। हर स्तर पर मजदूरों को संगठित करें और पूरी ताकत से सड़कों पर उतर कर हड़ताल को शानदार रुप से सफल बनाएं। कन्वेंशन ने एक स्वर में लेबर कोड्स बिल को रद्द करने की मांग करते हुए 12 फरवरी की हड़ताल में सड़कों पर उतरने की घोषणा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर