बिना मांग पत्र के प्रशासनिक भवन में घुसे उपद्रवियाें ने प्रभारी कुलसचिव से बदसलू की : कुलसचिव जेपीयू

 


सारण, 16 जुलाई (हि.स.)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ नारायण दास ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 15 जुलाई को छात्र संगठन द्वारा धरना पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि शोध विद्यार्थी संगठन नामक संगठन ने बिना किसी मांग पत्र के 14 जुलाई को केवल धरने की पूर्व सूचना दी और अगले ही दिन 15 जुलाई को परिसर में हिंसक व उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कुलसचिव के अनुसार, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पहले मांग पत्र देकर कार्रवाई के लिए समय दिया जाना चाहिए था। जेपीयू प्रशासन द्वारा मांग पत्र मांगे जाने पर भी संगठन ने उसे उपलब्ध नहीं कराया। इसके विपरीत प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवन में जबरन घुसकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और प्रभारी कुलसचिव के साथ दुर्व्यवहार किया।

उन्होंने बताया कि हैरानी की बात यह है कि उग्र प्रदर्शन खत्म होने के बाद 15 जुलाई की शाम को मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें वर्णित लगभग सभी मांगें पहले ही पूरी की जा चुकी हैं या उन पर कार्य प्रक्रियाधीन है। विश्वविद्यालय प्रशासन का सीधा आरोप है कि आंदोलन करने वाले वास्तविक छात्र नहीं, बल्कि असामाजिक तत्व हैं जो सत्र नियमितीकरण और परीक्षा शुचिता जैसे सुधारों के विरोधी हैं। वे पूर्व की तरह दलाली और उगाही का माहौल बनाना चाहते हैं। मुख्य उपद्रवी विशाल नामक युवक हाल ही में कुलपति पर मोबिल फेंकने के आरोप में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार