पटना में एडवोकेट्स एसोसिएशन के चुनाव में अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत
पटना, 24 अप्रैल (हि.स.)। दो दिन पहले जयपुर में बार काउंसिल के चुनाव में व्यापक धांधली की खबरें आयी और अब पटना में एडवोकेट्स एसोसिएशन के चुनाव में भी भयंकर अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत हुई है।
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार पवन कुमार ने इस संबंध में बिहार स्टेट बार काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्हाेंने शिकायत पत्र में कहा है कि पटना में एडवोकेट्स एसोसिएशन के चुनाव में मतपत्र पर उनकी जगह किसी अन्य का फोटो था। इससे उनके पक्ष में मतदान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
एक अन्य शिकायत में लिखा है कि अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी ने चुनाव प्रचार के दौरान शताब्दी भवन में पैंतीस हजार रूपए दिए
और दूसरी शिकायत में संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार पर आरोप लगाया गया है कि उसने धर्म के नाम पर खुल कर वोट मांगा तथा चुनाव अधिकारी को भी धर्म के नाम पर प्रभावित किया। स्मरण हो कि १९९५ मैं चुनाव आयोग और फिर सुप्रीम कोर्ट ने शिव सेना नेता बाल ठाकरे को धर्म के नाम पर वोट मांगने के आरोप में मतदाता सूची से नाम हटाया और भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक लगा दिया था।
उनकी ओर से लगाये गये एक अन्य आरोप में कहा गया है कि एक प्रत्याशी ने उपाध्याय पद के उम्मीदवार को प्रभावित करने के लिए पांच हजार रूपए दिए।
मतगणना में भी गड़बड़ी की शिकायत बार काउंसिल से की गई है,किसी भी केंद्र पर सीसीटीवी नहीं था, रोशनी की उचित व्यस्था नहीं की गई और मतउसप मध्य रात्रि में भी जारी रही जब फर्जी मतपत्र भी डाले गए।
एक अन्य पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने २१ अप्रैल को चिट्ठी भेजी, जिसमें महिला आरक्षण की बात कही गई थी और २६ तथा २७ अप्रैल को सभी प्रभावित लोगों से वर्चुअल हियरिंग के बाद निर्णय लिया जाय,ऐसा कहा गया था,लेकिन २१ तारीख को ही परिणाम सार्वजनिक किया गया।
एक प्रत्याशी ने मांग की है कि पूरा चुनाव निरस्त किया जाय और फिर से निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव किया जाय।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी