दो दिवसीय संतमत सत्संग का 13 वाँ वार्षिक अधिवेशन

 


भागलपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। जिले के नाथनगर प्रखंड के गोसाईंदासपुर पंचायत के मथुरापुर स्थित महर्षि मेंही आश्रम में दो दिवसीय पंचायत संतमत सत्संग का 13 वाँ वार्षिक अधिवेशन को लेकर मंगलवार को कार्यक्रम आयोजजित किया गया।

इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक, भजन, स्तुति, विनती, सद्ग्रन्थ पाठ एवं प्रवचन किया गया। संतों ने महर्षि मेंही के संदेश को जीवन में उतारने का संदेश दिया। संतों ने कहा कि मनुष्य जीवन बड़े भाग्य से मिलता है। इसका सदुपयोग करना चाहिए। मृत्यु सबसे बड़ा सच है, परंतु मनुष्य मौत से बचना चाहता है। मनुष्य को सद्कर्म करना चाहिए। सात्विक जीवन जीने से अच्छे संस्कार की प्राप्ति होती है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को मनुष्य बन कर जीना चाहिए। सदविचार रखना चाहिए। कोई भी आदमी बिना गुरू के या युक्ति के विशेषज्ञ नहीं हो सकता। इस मौके पर व्यवस्थापक गोसाइदासपुर पंचायत की मुखिया पिंकी देवी, सच्चिदानंद शर्मा, पूर्व पंसस तार्केश्वर झा, कबीर पासवान सहित अन्य आयोजन समिति के सदस्य और ग्रामीण मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर