दुनिया की सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना को लेकर जोर-शोर से हो रही है तैयारी

 


पूर्वी चंपारण, 10 जनवरी (हि.स.)।जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में आगामी 17 जनवरी को विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना को लेकर तैयारी जोर-शोर से की जा रही है।

इस अवसर पर कैलाश-मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत कई पवित्र नदियो के जल से भगवान भोलेनाथ के इस अद्भूत शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा।इसके साथ ही हेलिकाॅप्टर से पुष्प वर्षा भी की जायेगी।इस अवसर पर करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओ के साथ ही देश के कई राज्यो के साधु संतो की जुटने की संभावना है।लिहाजा कई जेसीबी से पूरे परिसर को समतल बना कर विशाल पंडाल बनाया जा रहा है।

शिवलिंग को स्थापित करने के लिए भोपाल से 750 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेन मंगाई गई हैं। ये क्रेन 15 तारीख तक कैथवलिया पहुंच जाएगी और इनकी मदद से शिवलिंग को खड़ा किया जाएगा।

पटना हनुमान मंदिर के सचिव सायन कुणाल ने बताया, शिवलिंग की स्थापना के लिए हरिद्वार और पटना से विशेष आचार्य बुलाए गए हैं। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना के बाद शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद देश की प्रमुख नदियों से लाए गए पवित्र जल को हेलिकॉप्टर से शिवलिंग पर अर्पित किया जाएगा।शिवलिंग की स्थापना के बाद शिवलिंग को बनाने वाले तमिलनाडु के शिल्पकारों का पूजा किया जाना है। इसकी भी तैयारी की जा रही है।वहीं शिवलिंग के पूर्व दिशा में स्थित एक बड़े मंडप में यज्ञ स्थल का निर्माण किया जा रहा है। आयोजन में देश के प्रमुख साधु-संतों शामिल होंगे।शिवलिंग स्थापना के दौरान हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जाएगी। पूजा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए दो सौ क्विंटल से अधिक बताशे का प्रसाद भी तैयार किया जा रहा है।शिवलिंग स्थापना के लिए पूजा कार्यक्रम सुबह आठ बजे शुरू होगा और दस बजे तक चलेगा। इसके बाद दस बजे से साढ़े दस बजे तक विशेष अनुष्ठान होगा। दोपहर साढ़े बारह बजे विधिवत रूप से शिवलिंग की स्थापना होगी।

सुरक्षा कारणों से शिवलिंग के चारों ओर छह फीट का घेरा बनाया गया है, जिसमें आम लोगों की एंट्री बैन रहेगी।ऐसी संभावना है,कि शिवलिंग स्थापना समारोह में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री भी पहुंचेगे।शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है,जो 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था। शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने ही इसे तराशा है। सड़क मार्ग से 96 चक्को वाला ट्रक से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था।जो बीते 5 जनवरी को पहुंचा है। तब से प्रतिदिन हजारो की तादाद में यहां पहुंच कर शिवलिंग की पूजा अर्चना कर रहे है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार