ठाकुरगंज सीएचसी प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच तेज, स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज

 


किशनगंज, 02 अप्रैल (हि.स.)। जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर लगे गंभीर आरोपों की जांच तेज हो गई है।

गुरुवार को पूर्णिया कमिश्नरी के डिप्टी डायरेक्टर (कल्याण) (एससी/एसटी/ओबीसी/ईबीसी) रघुवर प्रसाद ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के क्रम में डिप्टी डायरेक्टर रघुवर प्रसाद फातिमा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टर द्वारा संतोषजनक व्यवहार नहीं किए जाने की बात सामने आई।

इसके बाद उन्होंने ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठक कर स्वास्थ्य कर्मियों से विस्तार से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रभारी डॉक्टर पर मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक शोषण और देर रात फोन कर परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से वे इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी, स्थानीय विधायक और मंत्री को भी आवेदन देकर शिकायत की है। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, बुधवार को जांच टीम की महिला सदस्य ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर कर्मियों से बातचीत की और मामले की पड़ताल की। हालांकि जांच पूरी होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं होने से स्वास्थ्य कर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। इधर, प्रभारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है।

उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है और वे निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सोशल मीडिया पर कथित कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप संदेश वायरल होने लगे। वायरल सामग्री में समझौते की बात और “टाइगर अभी जिंदा है” जैसे शब्दों का जिक्र किया जा रहा है।

हालांकि इन वायरल सामग्रियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, स्थानीय मुखिया अनुपमा ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से जल्द निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी कार्रवाई का आश्वासन मिला है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जिसमें एक डॉक्टर के नाम पर ओपीडी पर्ची काटकर किसी अन्य डॉक्टर द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की बात चर्चा में है।

बताया जा रहा है कि बीते दिनों डॉक्टर अमरेंद्र कुमार के नाम से ओपीडी पर्ची काटी गई, जबकि मरीज को किसी अन्य डॉक्टर ने देखा। इससे संबंधित स्थिति भी जांच के दायरे में आ गई है। पूरे मामले को लेकर अब जिले में चर्चा तेज हो गई है।

कई लोगों ने निष्पक्षता के लिए उच्चस्तरीय या बाहरी टीम से जांच कराने की मांग की है। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह