खरीफ मौसम के लिए फसल सहायता योजना के कार्यान्वयन की मिली स्वीकृति
- 31 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन नि:शुल्क आवेदन
पटना, 20 अगस्त (हि.स.)। वर्ष 2026 खरीफ मौसम के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति गुरुवार काे राज्य सरकार ने दी।
इस योजनान्तर्गत सभी प्रक्रियाएँ पूर्व की तरह ऑनलाइन हैं। खरीफ 2026 मौसम के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गयी है। उल्लेखनीय है कि यह योजना पूरी तरह से राज्य सरकार की निधि से संचालित की जा रही है। खरीफ मौसम में अगहनी धान, भदई मकई, सोयाबीन, अगहनी आलू, अगहनी बैंगन, अगहनी टमाटर, अगहनी, गोभी एवं मखाना फसलों को आच्छादित किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विपरीत मौसम अथवा अन्य कारणों से फसल की क्षति होने पर किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराना है। यह योजना निःशुल्क है। इसके लिए किसानों द्वारा कोई प्रीमियम की राशि देय नहीं है।
खरीफ 2026 मौसम के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में अगहनी धान फसल एवं राज्य के चिन्हित 25 जिलों में भदई मकई फसल पंचायत स्तरीय फसल के रूप में तथा सोयाबीन 03 जिलों में, अगहनी आलू 14 जिलों में, अगहनी बैंगन 15 जिलों में, अगहनी टमाटर 12 जिलों में, अगहनी गोभी 14 जिलों में एवं मखाना 10 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया है।
कृषि विभाग, बिहार के डी.बी.टी. पोर्टल पर निबंधित राज्य के रैयत श्रेणी, गैर-रैयत श्रेणी एवं आंशिक रूप से रैयत तथा गैर-रैयत श्रेणी के इच्छुक किसान, जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, आवेदन कर सकते हैं। संबंधित जिला में स्थित नगर पंचायत एवं नगर परिषद् भी उक्त फसल हेतु अधिसूचित हैं। फसलवार अधिसूचित जिलों का नाम विभागीय वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
जानिये फसल क्षति की राशि
इस योजनान्तर्गत थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक क्षति होने की स्थिति में 7500 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एवं 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की स्थिति में 10000 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से (अधिकतम 02 हेक्टेयर के लिये) सहायता राशि का भुगतान डी.बी.टी. के माध्यम से उनके आधार संबद्ध बैंक खातों में किया जाएगा। इस योजनान्तर्गत किसानों को आवेदन करने के लिए कोई शुल्क का भुगतान नहीं करना है।
आवेदन के समय सभी श्रेणी के किसानों को फसल एवं बुआई के रकबा की जानकारी देते हुए विहित प्रपत्र में भरा हुआ स्व-घोषणा पत्र को अपलोड करना आवश्यक है। उपज दर आँकड़ों के आधार पर योग्य पाए गए ग्राम पंचायतों के चयन के पश्चात चयनित ग्राम पंचायतों के रैयत एवं आंशिक रूप से रैयत तथा गैर-रैयत दोनों श्रेणी के आवेदक किसानों को भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र/अद्यतन राजस्व रसीद अपलोड करने की आवश्यकता होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी