काजीकोरैया बांध की स्थिति जर्जर, ग्रामीण चिंतित

 


भागलपुर, 16 मार्च (हि.स.)। काजीकोरैया बांध की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गयी है। यह बांध भागलपुर जिला के खरीक, बिहपुर और नवगछिया प्रखंड के कई गांवों को गंगा नदी के भीषण बाढ़ से बचाता है। इसकी भयावह जर्जरता ने ग्रामीणों को चिंतित कर दिया है। पिछले वर्ष ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह इसे बचाया गया था। तभी से इसके जीर्णोद्धार के लिए लगातार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है किंतु प्रशासन ने अब तक कोई सुध नहीं लिया। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

राघोपुर काजीकोरैया बांध पुनर्निर्माण समिति के बैनर तले सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बांध के जीर्णोद्धार की मांग के साथ जिला पदाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचा। जिला पदाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिला पदाधिकारी (एडीएम) से भेंट कर उन्हें काजीकोरैया बांध की जर्जरता व इससे होने वाले भयावह नुकसान के बारे में जानकारी दी और इसके जीर्णोद्धार की मांग की। एडीएम ने शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में बिंदेश्वरी मंडल, अरविंद यादव, अंजय कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, राजेश कुमार रवि, नीरज कुमार, रमेश यादव, सुरेश प्रसाद साह, अशोक मंडल व विनोद यादव शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे काजीकोरैया बांध पुनर्निर्माण समिति के संयोजक बिंदेश्वरी मंडल ने मौके पर कहा कि 2008 में ये बांध टूट गया था जिसकी वजह से इलाके में भयंकर बाढ़ आयी थी। इलाका उस बाढ़ के नुकसान को आज तक झेल रहा है। समय रहते अगर इसका जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो यह फिर से भारी नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका जिम्मेदार सिर्फ प्रशासन और सरकार होगा।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के एडीएम से मिलने के पहले स्थानीय अठगामा उच्च विद्यालय परिसर में ग्रामीणों की बैठक हुई जिसमें काजीकोरैया बांध के जीर्णोद्धार के लिए निरंतर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। आगामी रविवार को स्थानीय जाह्नवी चौक पर ग्रामीणों के धरना से संघर्ष की शुरुआत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर