आरटीआई और मौलिक कर्तव्यों के प्रति नागरिकों को किया जागरूक
सुपौल, 20 सितंबर (हि.स.)। कजाहा लौकहा में नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (आरटीआई) तथा भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता विमलेश कुमार एवं पारा विधिक स्वयंसेवक मुकेश कुमार ने लोगों को आरटीआई के महत्व और इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
पैनल अधिवक्ता ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से नागरिक सरकारी योजनाओं, सरकारी धन के उपयोग, विभिन्न फाइलों एवं अभिलेखों तथा सरकारी कार्यों से संबंधित निर्धारित सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित विभाग के लोक सूचना पदाधिकारी (पीआईओ) को आवेदन देकर सूचना मांगी जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों की भी जानकारी दी गई। संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करने, देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा करने, भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने, पर्यावरण की रक्षा करने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने जैसे कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने कहा कि जागरूक नागरिक अपने अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करता है। अधिकार और कर्तव्य दोनों के प्रति जागरूकता से ही मजबूत एवं जिम्मेदार नागरिक समाज का निर्माण संभव है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र