आचार्य चयन परीक्षा को लेकर बैठक
भागलपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर भागलपुर में गुरुवार को शिशु शिक्षा प्रबंध समिति एवं भारती शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आचार्य चयन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा में लगभग एक हजार परीक्षार्थियों की उपस्थिति अपेक्षित है। केंद्राधीक्षक सुमंत कुमार जी ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा के सुचारू, नकलविहीन एवं अनुशासित संचालन हेतु विद्यालय परिवार द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। परीक्षार्थियों के लिए समुचित बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा तथा अनुशासन समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी आचार्य-दीदी एवं कार्यकर्ता अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता एवं समर्पण के साथ करेंगे।
उन्होंने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुँचें, प्रवेश पत्र साथ लाएँ तथा अनुशासन का पूर्ण पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि यह परीक्षा विद्या भारती के भावी आचार्यों के चयन का महत्वपूर्ण माध्यम है, अतः इसकी गरिमा बनाए रखना सभी का दायित्व है। उक्त अवसर पर भागलपुर जिला निरीक्षक एवं व्यवस्था प्रमुख सतीश कुमार सिंह ने कहा कि आचार्य चयन परीक्षा विद्या भारती के गुणवत्ता संकल्प का आधार है। आचार्य ही राष्ट्र निर्माण के प्रमुख आधार होते हैं, जो शिशु वाटिका से लेकर वरिष्ठ वर्ग तक संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करते हैं।
उन्होंने केंद्राधीक्षक एवं विद्यालय परिवार को उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए साधुवाद देते हुए सभी वीक्षकों एवं कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि परीक्षा पूर्णतः पारदर्शी, नकलविहीन एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हो। साथ ही परीक्षार्थियों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने एवं विद्या भारती के आदर्श वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” को साकार करने का संदेश दिया।कल परीक्षा केंद्र पर परिवेक्षक डॉक्टर नंदकिशोर सह प्रदेश मंत्री एवं सह परिवेक्षक एवं बांका जिला निरीक्षक सम्पूर्ण गतिविधियों की निगरानी करेंगे। प्रांतीय कार्यालय से सुधांशु कुमार भी उपस्थित रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर