अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन सह विद्यापति पर्व समारोह आयोजित

 


सहरसा, 12 अप्रैल (हि.स.)। विद्यापति चेतना समिति द्वारा रविवार को जिला परिषद के सभागार में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन सह विद्यापति पर्व समारोह का आयोजन किया गया। समिति सदस्यों द्वारा विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा जिला परिषद से निकलकर डी बी रोड, शंकर चौक, थाना चौक होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा।

इस अवसर पर समिति द्वारा सभी अतिथियों को पाग चादर एवं फूल माला पहनकर भव्य स्वागत किया गया।साथ ही साथ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा,मैथिल दधीचि बैजनाथ झा बैजू, अध्यक्ष राधाकांत ठाकुर, महेंद्र नारायण राम, बुजुर्ग पासवान,अमरनाथ शर्मा, प्रोफेसर विनोद झा, प्रोफेसर चंद्रशेखर झा,डोमीराम, ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण झा, प्रोफेसर गणेश कांत झा, हरिश्चंद्र झा, संरक्षक विभूतिभूषण झा,डॉक्टर संजय वशिष्ट, अधिवक्ता राघव झा, शिव शिष्य भाई परमेश्वर,अधिवक्ता जीतेन्द्र नाथ झा, ललित नारायण मिश्र के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। तत्पश्चात रानी झा द्वारा विद्यापति लिखित गोसाउनिक गीत जय जय भैरवि असुर भयाउनि और स्वागत गीत मंगलमय दिन आजू हे गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि महेन्द्र नारायण राम ने कहा मैथिली भाषा विश्व की सबसे प्राचीन एवं मधुरतम भाषा है। वही भाषा कला साहित्य संस्कृति की जननी व धरोहर है। जो रामायण काल से जुड़ी हुई है।माता सीता का दुसरा नाम मैथिली है। मैथिली भाषा 2003 मे संविधान की अष्टम अनुसूची मे शामिल किया गया। वही संविधान का अनुवाद मैथिली भाषा मे किये जाने से हर्ष का माहौल है। अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के माध्यम से मैथिली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने तथा राष्ट्रीय जनगणना में मातृभाषा मैथिली लिखवाने का आह्वान किया गया।

मंच संचालन जयराम झा एवं स्वागत भाषण डोमी राम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ मनोज झा एवं शांति मिशन के डायरेक्टर विभूतिभूषण झा को मिथिला रत्न एवं नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को मिथिला सम्मान से सम्मानित किया गया। बैजनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि मिथिलावासियों को आर्थिक आजादी, सामाजिक आजादी, राजनीतिक आजादी, भाषिक आजादी, औद्योगिक आजादी के लिए संविधान में अलग मिथिला राज की मांग करते हैं ताकि मिथिला को बाढ़ से सुखार से निजात मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार