कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में 'तेजस' जिला कार्यशाला आयोजित
कटिहार, 03 सितंबर (हि.स.)। जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में ‘तेजस डिस्ट्रिक्ट वर्कशॉप 2026’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के 'स्टार्टअप इंडिया' द्वारा 'स्टार्टअप बिहार' के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, मेंटरशिप, फंडिंग और स्टार्टअप की संभावनाओं से रूबरू कराया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्टार्टअप नीतियों की उपयोगिता और जिले में नवाचार आधारित माहौल तैयार करने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे आने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, उप विकास आयुक्त डॉ. नेहा कुमारी ने कहा कि तेजस जैसी पहल जमीनी स्तर पर युवाओं को सही मार्गदर्शन और मंच प्रदान करती है। उन्होंने रेखांकित किया कि स्टार्टअप केवल स्वरोजगार का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये नए रोजगार सृजित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रंजना कुमारी ने छात्र-छात्राओं में नवाचार आधारित सोच विकसित करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मितेश कुमार शांडिल्य ने सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के प्रावधानों की जानकारी दी और युवाओं से इनका लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में स्टार्टअप इंडिया के प्रतिनिधि शेषांश सिन्हा ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के जरिए प्रतिभागियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी नीतियों और फंडिंग तंत्र की बारीकियों से अवगत कराया।
समारोह के दौरान प्रतिभागियों की प्रतिभा को परखने के लिए दो प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। बेस्ट प्रोटोटाइप अथवा एमवीपी प्रतियोगिता में नवाचारपूर्ण मॉडल प्रस्तुत करने के लिए काजल कुमारी ने ₹10,000 का प्रथम पुरस्कार, जगदीप सिंह ने ₹5,000 का द्वितीय पुरस्कार तथा आशीष कुमार ने ₹3,000 का तृतीय पुरस्कार जीता। वहीं, पिच प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट व्यावसायिक मॉडल के लिए 'रोड विजन एआई', 'ब्लिस बाइट' और 'घरसेतु' को ₹3,000-₹3,000 का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह कार्यशाला जिले के युवाओं को अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह