भागलपुर जिले में भारी बारिश और वज्रपात का 'येलो अलर्ट
भागलपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के गहरे अवदाब में तब्दील होने के कारण जिले में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से सिल्क सिटी भागलपुर और इसके तमाम ग्रामीण इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए भागलपुर जिले में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात (आसमान बिजली) को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
मंगलवार को सुबह से ही भागलपुर शहर समेत सबौर, नाथनगर और जगदीशपुर में भारी उमस और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था। हवा की गति थमने से लोग पसीने से तर-बतर रहे और अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। सुल्तानगंज, नवगछिया, कहलगंज और पीरपैंती सहित पूरे जिले के आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हो गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी के कारण अगले दो दिनों तक जिले में तेज पुरवा हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने भागलपुर के सभी प्रखंडों को सतर्क रहने को कहा है। जिले के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश (70 से 110 मिमी तक) होने की संभावना है। भारी बारिश की वजह से भागलपुर शहर के निचले इलाकों (जैसे भीखनपुर, मंदरोजा, उर्दू बाजार और मिरजानहाट) में जलजमाव का खतरा बढ़ गया है। वहीं, गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच तटीय इलाकों में कटाव की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए भागलपुर जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन शाखा ने जिले के आम नागरिकों और खासकर ग्रामीण क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि खुले में न रहें। सबौर, शाहकुंड और गोराडीह जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों के किसान मेघ गर्जन या बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और खुले मैदानों में न रहें। वज्रपात से बचने के लिए तुरंत पक्के मकानों या कंक्रीट की छतों के नीचे शरण लें। पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर