रुईधासा महाकाल मंदिर में मां महागौरी की पूजा, कन्या पूजन में उमड़ी श्रद्धा

 


किशनगंज, 18 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के महाष्टमी अवसर पर रविवार को शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता की आराधना हुई। इस अवसर पर कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई। सुबह से ही मंदिर में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।

महाष्टमी को लेकर मंदिर में भक्तिमय माहौल बना रहा।किशनगंज के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन कर रहे थे। मंदिर में मां दुर्गा के साथ महाकाल बाबा की भी नियमित पूजा-अर्चना की जाती है। संध्या समय होने वाली आरती में श्रद्धालु शामिल होकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत ने बताया कि नवरात्र का आठवां दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां महागौरी की विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद मिलता है। महाष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है।

धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी। लंबे समय तक तप करने के कारण उनका शरीर श्याम वर्ण का हो गया। देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके शरीर को गंगाजल से धोया, जिसके बाद उनका स्वरूप अत्यंत कांतिमान और गौर वर्ण का हो गया। इसी कारण वे महागौरी कहलायीं। मां महागौरी को करुणा, शांति और ममता का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्र के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता की आराधना कर परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और कल्याण की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह