विश्व पर्यटन दिवस पर सुपौल व बीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम

 


सुपौल, 27 सितंबर (हि.स.)। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सुपौल और अनुमंडल मुख्यालय बीरपुर में विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव के पर्यवेक्षण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, लोक अदालत तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को मिलने वाले प्रतिकर और पुनर्वास संबंधी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। जागरूकता कार्यक्रम में मध्यस्थता के महत्व और इसके लाभों पर भी प्रकाश डाला गया। लोगों को बताया गया कि आपसी विवादों का शांतिपूर्ण, शीघ्र और सौहार्दपूर्ण समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। इस दौरान वर्तमान में संचालित ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के संबंध में भी आम लोगों को जानकारी दी गई। लोगों से विवादों को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने के बजाय वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यम अपनाने की अपील की गई। कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों पर भी चर्चा की गई। आम लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से उपलब्ध विभिन्न निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं सहायता के बारे में जानकारी दी गई। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता के साथ सुपौल जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। जिले के राघोपुर स्थित विष्णु मंदिर, भीमाशंकर मंदिर, टिलेश्वर मंदिर सहित अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। आम लोगों से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की अपील की गई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कानूनी रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक सुरक्षित, स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं पर्यटक-अनुकूल समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अंत में आम लोगों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान अपनाने तथा पात्र व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सेवाओं और पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र