विश्व बाघ दिवस पर बच्चों ने मुखौटा पहन और मानव श्रृंखला का निर्माण कर जीव जंतु संरक्षण का दिया संदेश
अररिया 29 जुलाई(हि.स.)। फारबिसगंज के तिरसकुण्ड पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में बुधवार को विश्व बाघ दिवस पर स्कूली बच्चों ने बाघ का मुखौटा पहन एवं मानव श्रृंखला का निर्माण कर पारिस्थितिक तंत्र के लिए सभी जीव जंतुओं के संरक्षण पर बल दिया।
मौके पर स्कूल के पूर्व प्रधान कुमार राजीव रंजन ने बच्चों को बताया कि विश्व बाघ दिवस पूरे विश्व में प्रति वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है।बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है । वर्ल्डवाइड लाइफ फंड के अनुसार पूरे विश्व में 3890 लगभग बाघ बचे हुए हैं,जिनमें सबसे ज्यादा लगभग ढाई हजार बाघ भारत में हैं।
बाघ के अस्तित्व पर लगातार खतरा मंडरा रहा है और यह प्रजाति विलुप्त होने की स्थिति में है। बाघ जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।इनकी घटती संख्या पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर