अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सुपौल में जागरूकता शिविर
सुपौल, 01 मई (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को संयुक्त श्रम भवन, सुपौल में एक दिवसीय शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम विभागीय निर्देश के आलोक में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रम अधीक्षक सुशील कुमार यादव ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों एवं निर्माण कार्य से जुड़े कामगारों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना था।
सुबह 11 बजे पूर्वाह्न आरंभ हुए इस कार्यक्रम में जिले के सभी 11 प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों में असंगठित क्षेत्र के कामगार, शिल्पकार, निर्माण श्रमिक, प्रवासी मजदूर तथा अन्य श्रमजीवी वर्ग के लोग शामिल थे। श्रमिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकारी योजनाओं के प्रति उनमें जागरूकता बढ़ रही है और वे अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम अधीक्षक सुशील कुमार यादव ने कहा कि मजदूर देश और समाज की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। उनके श्रम, समर्पण और योगदान के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।उन्होंने उपस्थित श्रमिकों को बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा (संशोधित) योजना, 2024 के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के तहत प्रवासी श्रमिकों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
श्रम अधीक्षक ने बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित निबंधन प्रक्रिया एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक बोर्ड में निबंधन कराकर कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इनमें मातृत्व सहायता, पेंशन, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, विवाह सहायता, औजार क्रय सहायता तथा दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में अनुग्रह अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे समय पर अपना निबंधन कराएं और सरकार की इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र