राष्ट्रीय अनुवाद मिशन द्वारा कार्यशाला आयोजित

 


भागलपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुवाद मिशन, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर द्वारा विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से 31 जुलाई से 08 अगस्त तक संचालित होनेवाले कार्यशाला का शुभारंभ हो गया।

उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर सुदामा कुमारी यादव मुख्य संरक्षक की भूमिका में रही एवं कुलसचिव, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय भागलपुर संरक्षक की भूमिका में थे। एनटीएम के रिसोर्स पर्सन सह कार्डिनेटर की भूमिका में डॉक्टर शंभू कुमार सिंह थे।

विभागाध्यक्षा प्रो. लक्ष्मी पाण्डेय भी रिसोर्स पर्सन सह अध्यक्ष, कार्डिनेटर की भूमिका में थीं। इस वर्कशाप के दौरान द इकोनॉमिक हेरिटेज आफ मिथिला के मैथिली अनुवाद का रिव्यू एंड फाइनलाइजेशन किया जाना है। मूल पुस्तक के लेखक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार झा भी उपस्थित थे। वहीं मैथिली के विशेषज्ञ के रूप में बीएनएमयू के प्रोफेसर रंजीत कुमार सिंह एवं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभाग अध्यक्ष एवं डीन मानविकी प्रोफेसर प्रमोद कुमार पांण्डेय थे।

प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कृष्ण कुमार मंडल भी एक विषय विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र में सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखें। विभागाध्यक्षा ने स्वागत भाषण के साथ -साथ अनुवाद की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के संरक्षक कुलसचिव प्रो रामाशीष पूर्वे जो मिथिलांचल से हैं, ने मैथिली भाषा के महत्व एवं क्षेत्र पर विस्तृत चर्चा की तथा शिक्षकों एवं छात्रों को अपनी मातृभाषा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य संरक्षक प्रोफेसर सुदामा कुमारी यादव ने भी भाषा, संस्कृति और आर्थिक विरासत की चर्चा की तथा कहा कि हर क्षेत्र के अलग-अलग आर्थिक विरासत हैं जिसके माध्यम से बिहार का आर्थिक विकास हो सकता है।

डॉक्टर शंभू कुमार सिंह ने एनटीएम की कार्य प्रणाली एवं क्षेत्र पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए छात्रो एवं शिक्षकों से भी इससे जुड़ने के लिए कहा। प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार झा ने मिथिलांचल के आर्थिक विरासत की चर्चा की तथा अनुवाद के लिए शब्द की अपेक्षा भाव के महत्व को बताया।

प्रोफेसर रंजीत कुमार सिंह ने भी अनुवाद के महत्व एवं शैली पर प्रकाश डाला।

मंच संचालन अतिथि व्याख्याता डॉ कुमारी आरती ने किया, धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक डॉक्टर सपना ने किया। वहीं तकनीकी सहायता सहायक प्राध्यापक विवेकानंद कुमार ने किया।

इस अवसर पर विभाग में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्षा एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। जिसके कारण कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर