सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर कार्यशाला आयोजित

 




सारण, 08 जुलाई (हि.स.)। नई शिक्षा व्यवस्था को विद्यालयी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं पंचपदी शिक्षण पाठ योजना विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में विद्यालय के सभी शिक्षकों ने भाग लिया।

विद्यालय के मीडिया प्रभारी अनिल कुमार आजाद ने बताया कि मुख्य प्रशिक्षक दिलीप तिवारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों, पंचपदी शिक्षण पद्धति, गतिविधि-आधारित शिक्षण और अनुभवात्मक अधिगम की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक शैक्षिक परिवेश में शिक्षकों की भूमिका केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और जीवन कौशल विकसित करना भी है।

प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने एनईपी 2020 को भारतीय शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।

उन्होंने सभी शिक्षकों से इन नवीन विधियों को कक्षा-कक्ष में अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में मॉडल पाठ योजना, समूह चर्चा और व्यावहारिक अभ्यास के जरिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, जिसे सभी ने अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार