गैस संकट से घर लौटने को विवश महानगरों में काम कर रहे मजदूर
भागलपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। देश के बड़े शहरों दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता और उड़ीसा में काम करने वाले मजदूर अब रसोई गैस की भारी किल्लत और बढ़ती कीमतों से परेशान होकर अपने घर लौटने को मजबूर हो गए हैं। नई दिल्ली के आनंद विहार से गोड्डा जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस से भागलपुर पहुंचे कई रेल यात्रियों ने बताया कि जिन इलाकों में वे काम कर रहे थे, वहां गैस की कीमत 400 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इतनी महंगी गैस खरीद पाना उनके लिए संभव नहीं था, जबकि आमदनी भी सीमित थी।
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर सन्हौला के मिथुन यादव ने बताया कि गैस की भारी कमी के कारण रोजमर्रा का खाना बनाना मुश्किल हो गया था। इसलिए वे घर वापस लौट आए। वहीं मुंगेर के संग्रामपुर निवासी रवि, जो दिल्ली जा रहे थे, ने कहा कि यदि गैस नहीं मिलेगी तो वे लकड़ी पर खाना बनाकर किसी तरह गुजारा करेंगे। गरीब रथ से लौटे मोहम्मद दुरुल, नूर मोहम्मद, मोहम्मद चांद, अशोक साह, अंसार और मनोज तांती ने भी एक स्वर में कहा कि बाहर न केवल गैस की किल्लत है, बल्कि इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है। ऐसे में खर्च चलाना मुश्किल हो गया था, इसलिए घर लौटना ही बेहतर समझा। मजदूरों का कहना है कि अब वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही काम-धंधा तलाश कर जीवन यापन करेंगे। गैस संकट ने उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा असर डाला है, जिससे बड़े शहरों से पलायन कर वे फिर से अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर