वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध आरा मिल सील; संचालक फरार

 


नवादा, 04 जुलाई (हि.स.) नवादा जिले के सिरदला वन प्रमंडल के रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार के नेतृत्व में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हिसुआ थाना क्षेत्र के भादसेनी पंचायत अंतर्गत चितरघटी गांव में संचालित एक अवैध आरा मिल पर शनिवार को छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान मिल संचालक कुणाल सिंह मौके से फरार हो गया, जबकि वन विभाग की टीम ने आरा मिल को सील कर दिया और मौके से लकड़ी, मशीनरी समेत अन्य साक्ष्यों को जब्त कर लिया।

रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि चितरघटी गांव में बिना वैध अनुमति के काष्ठ का भंडारण कर अवैध आरा मिल संचालित की जा रही है।

सूचना के सत्यापन के बाद संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया गया। अभियान में कौआकोल के रेंज ऑफिसर सौरभ शांडिल्य, मंझवे के फॉरेस्ट ऑफिसर जितेंद्र कुमार, वन विभाग के अन्य कर्मी तथा हिसुआ थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार के निर्देश पर पुलिस बल और पदाधिकारी भी शामिल रहे।

टीम के पहुंचते ही मिल संचालक फरार हो गया। जांच के दौरान अवैध रूप से लकड़ी चीरने के उपकरण, काष्ठ एवं अन्य सामग्री बरामद की गई। वन विभाग ने पूरे परिसर को सील करते हुए भारतीय वन अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान में उनके पास सिरदला के साथ-साथ हिसुआ क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी है। उन्होंने कहा कि वन संपदा की तस्करी, अवैध लकड़ी कटाई और बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि वन कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध आरा मिलों और वन अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आगे भी नियमित छापेमारी अभियान जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन