ब्राउन शुगर के साथ महिला गिरफ्तार, एक किशोर भी निरुद्ध

 


भागलपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। जिले में युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर महाअभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

ईशाकचक थाना क्षेत्र के हरिजन टोला भीखनपुर (गुमटी नंबर-02) में छापेमारी कर पुलिस ने 164.62 ग्राम ब्राउन शुगर और दो डिजिटल तराजू बरामद किए हैं। मौके से एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक (किशोर) को निरुद्ध किया गया है।

वहीं, मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। एसडीपीओ सिटी-1 ने रविवार को इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में जिले के विभिन्न हॉट-स्पॉट पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ईशाकचक थाना क्षेत्र के हरिजन टोला भीखनपुर निवासी प्रवेश कुमार दास अपने परिवार के साथ मिलकर घर से ही अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी का धंधा चला रहा है।

सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-01 और ईशाकचक थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब पुलिस टीम सशस्त्र बल के साथ आरोपी प्रवेश कुमार दास के घर पहुंची, तो वहां मौजूद कुछ लोग पुलिस को देखकर भागने लगे।

सशस्त्र बलों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर मौके से फूलो देवी (पति- शंकर दास) को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 164.62 ग्राम ब्राउन शुगर और नशे को तौलने के लिए इस्तेमाल होने वाले दो डिजिटल तराजू बरामद हुए।

पुलिस ने मौके से एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया है। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी प्रवेश कुमार दास (पिता- शंकर दास) अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी प्रवेश कुमार दास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इस सफल छापेमारी अभियान में ईशाकचक थाना के थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक मंटू कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक निलमणि कुमार सहित सशस्त्र बल के जवानों ने मुख्य और सराहनीय भूमिका निभाई।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर