जीविका से जुड़कर महिलाएं हो रहीं सशक्त, बना रहीं अपनी पहचान : अनुराधा
किशनगंज, 10 सितंबर (हि.स.)। सदर प्रखंड, दिघलबैंक और पोठिया प्रखंड में गुरुवार को शगुन, अनमोल, आंचल, सहारा और संस्कार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समितियों की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई। आमसभा में वर्षभर के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के साथ भविष्य की योजनाओं, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई।
सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित शगुन जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की आमसभा का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई कदम उठा रही है। जीविका के माध्यम से महिलाएं संगठित होकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्वावलंबी बनकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सशक्त बनाने में जीविका महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने बताया कि शगुन जीविका सहकारी समिति के अंतर्गत चार जीविका दीदी की रसोई का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा सिलाई घर और हाउसकीपिंग सेवा के माध्यम से भी दीदियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। समिति की अध्यक्ष रोजी बेगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि समिति को ब्याज से 23 लाख रुपये से अधिक की आय हुई है। समिति से 6186 परिवार जुड़े हैं। वहीं, दिघलबैंक के अनमोल और आंचल संकुल संघ में आयोजित आमसभा में सालभर किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। आगामी लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर जीविका दीदियों से सुझाव लिए गए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडरों को सम्मानित किया गया। आर्थिक रूप से स्वावलंबी हुई दीदियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। पोठिया प्रखंड के सहारा और संस्कार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की आमसभा में भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की सदस्य, सचिव और कोषाध्यक्ष ने वर्षभर के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रशिक्षण अधिकारी आरिफ हुसैन, क्षेत्रीय समन्वयक वरुणदित विश्वास समेत जीविका दीदियां और कैडर मौजूद रहे। दिघलबैंक में युवा पेशेवर अक्षय, मिराज, क्षेत्रीय समन्वयक अंसार अहमद सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की सदस्य और प्रखंड कर्मी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह