डॉक्टर की लापरवाही से महिला की गई जान,आपरेशन के दौरान पेट में छोड़ दी थी कैची

 


-डेढ़ साल बाद महिला की हुई मौत

पूर्वी चंपारण,02 जनवरी (हि.स.)।जिले में एक महिला डाक्टर की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। जिस कारण एक महिला की गुरुवार को मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डेढ़ साल पहले ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में कैंची छोड़ दी गई थी।

घटना से पीड़ित परिवार में आक्रोश है और इलाके में भी तनाव का माहौल है।मृतका की पहचान जितना थाना क्षेत्र के झाझरा गांव निवासी मणिभूषण कुमार की 25 वर्षीय पत्नी उषा देवी के रूप में हुई है।

परिजन के अनुसार, डेढ़ साल पहले उषा देवी को प्रसव के लिए मोतिहारी शहर के ज्ञानबाबू चौक स्थित डॉ. संगीता कुमारी के क्लिनिक में भर्ती कराया गया था।जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन से बच्चे के जन्म की सलाह दी थी, जिस पर परिजन सहमत हो गए। ऑपरेशन के बाद उषा देवी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से ही उषा देवी को पेट में लगातार दर्द की शिकायत रहने लगी थी। कई बार अल्ट्रासाउंड कराए गए, लेकिन उनमें कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई।डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाइयों से कुछ समय के लिए आराम मिल जाता था, लेकिन दर्द पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ। इसी तरह डेढ़ साल बीत गए। बीते दिन उषा देवी के पेट में अचानक असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें डॉ. कमलेश कुमार के पास ले गए, जहां एमआरआई जांच कराई गई।

एमआरआई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उषा देवी के पेट के अंदर एक कैंची मौजूद है। रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने तत्काल ऑपरेशन कराने की सलाह दी और बताया कि देरी होने पर मरीज की जान जा सकती है।

इसके बाद परिजन उषा देवी को रहमानिया मेडिकल सेंटर लेकर पहुंचे, जहां ऑपरेशन की तैयारी की गई। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान जैसे ही महिला के पेट से कैंची निकाली गई, उसी दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस मामले को लेकर डा.संगीता कुमारी का कहना है,कि हमारे स्तर से ऐसी कोई लापरवाही नही बरती गई है। डेढ साल के दौरान हो सकता मरीज का कही और इलाज हुआ हो।फिलहाल घटना को लेकर लोगो में तनाव व्याप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार